वैदिक ज्योतिष: भाग्य नहीं, भविष्य निर्माण की विज्ञान यात्रा

हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पहले आसमान में चमकते तारों और ग्रहों की चाल को पढ़कर एक अद्भुत विज्ञान विकसित किया — ज्योतिष। यह केवल भविष्य बताने का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा दिखाने वाली दिव्य विद्या है। इसमें गणित, खगोल, भूगोल, कालगणना और मनोविज्ञान सबका अद्भुत मेल है।

लेकिन आज इस विद्या को या तो अंधविश्वास बनाकर पेश किया गया है या फिर इसे हल्के में लेकर मज़ाक का विषय बना दिया गया है। असली वैदिक ज्योतिष, जो व्यक्ति के जन्म समय, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और उसके जीवन के हर उतार-चढ़ाव का गहरा विश्लेषण करता है, उसे पश्चिमी विचारधारा ने दबा दिया। इसके पीछे साफ मंशा थी कि भारतीय अपनी जड़ों और अद्वितीय ज्ञान-विज्ञान से कट जाएँ, ताकि वे अपने जीवन के निर्णय बिना दिशा और परंपरा के लें।

आज नकली ज्योतिष और बाज़ारू भविष्यवाणियाँ फैलाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, जबकि असली वैदिक ज्योतिष स्वास्थ्य, विवाह, संतान, खेती, मौसम, व्यवसाय और आध्यात्मिक साधना — हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देता है। यह केवल भाग्य बताने का साधन नहीं, बल्कि भाग्य सुधारने का मार्ग है।

हमारा संकल्प है कि हम असली वैदिक ज्योतिष के आचार्य तैयार करेंगे, जो गाँव-गाँव जाकर लोगों को सही और वैज्ञानिक ज्योतिष सिखाएँ। इसके लिए वक्ता निर्माण महाअभियान के अंतर्गत हम ऐसे विशेषज्ञ तैयार करेंगे, जो इस विद्या को फिर से सम्मान दिलाएँगे और लोगों को उनके जीवन के हर क्षेत्र में सटीक मार्गदर्शन दे सकें।

ज्योतिष का पुनर्जागरण केवल एक विद्या की वापसी नहीं, बल्कि हमारे खोए हुए वैदिक गौरव की वापसी है।