पशु चिकित्सा

भाई, इस पूरी भूमिका के 5 मुख्य बिंदु ये निकलते हैं —
- वैश्विक षड्यंत्र से पशुधन पर हमला –
रसायनिक चारा, दूषित पानी, विदेशी नस्लों का प्रजनन, कृत्रिम गर्भाधान, और प्रयोगशाला-निर्मित बीमारियों से हमारे देसी पशु कमजोर और रोगग्रस्त किए जा रहे हैं। - बीमारी और ज़हर का चक्र –
पहले पशुओं को बीमार बनाया जाता है, फिर “इलाज” के नाम पर एंटीबायोटिक, हार्मोन इंजेक्शन, और वैक्सीन दी जाती हैं, जिनके ज़हर दूध, घी, मांस के माध्यम से इंसानों तक पहुँचते हैं। - मनुष्य पर प्रभाव –
इन ज़हरों से मनुष्य में कैंसर, मधुमेह, हार्मोन असंतुलन, समय से पहले यौन परिपक्वता, और एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस जैसी गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं। - हमारा वैदिक समाधान –
ऋषि परंपरा पर आधारित पशु चिकित्सा — पंचगव्य, औषधि वनस्पति, देसी नस्ल संरक्षण, प्राकृतिक आहार और स्वच्छ जल व्यवस्था द्वारा पशु स्वास्थ्य पुनर्स्थापन। - वक्ता निर्माण महाअभियान –
गाँव-गाँव जाकर सच्चाई उजागर करने वाले, किसानों को वैदिक पद्धति सिखाने वाले, और स्वदेशी पशु चिकित्सक तैयार करने वाले प्रशिक्षित वक्ताओं का निर्माण।